धातु एवं अधातु
परिचय:
धातु एवं अधातु हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं – चाहे वह रसोई के बर्तन हों, बिजली के तार हों या फिर निर्माण सामग्री । CBSE कक्षा 10 विज्ञान का अध्याय 3 "धातु एवं अधातु" न केवल बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है (6-8 अंक), बल्कि यह हमें रासायनिक गुणधर्मों की वैज्ञानिक समझ भी देता है । इस अध्याय में आप सीखेंगे कि धातुएं और अधातुएं भौतिक और रासायनिक गुणों में कैसे भिन्न हैं, वे वायु, जल और अम्लों के साथ कैसे अभिक्रिया करते हैं, और आयनिक यौगिकों का निर्माण इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से कैसे होता है । साथ ही, आप धातुओं के निष्कर्षण (extraction), संक्षारण (corrosion) और मिश्रधातुओं (alloys) के व्यावहारिक पहलुओं को भी समझेंगे । यह ब्लॉग आपको संपूर्ण सिद्धांत के साथ-साथ MCQ, अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी प्रदान करता है, जिससे आपकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी मजबूत होगी।
धातुओं के भौतिक गुणधर्म
धातुओं की पहचान उनके विशिष्ट भौतिक गुणों से होती है:
· धात्विक चमक: शुद्ध अवस्था में धातुओं की सतह चमकदार होती है
· आघातवर्ध्यता: धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाया जा सकता है; सोना और चाँदी सबसे अधिक आघातवर्ध्य धातुएँ हैं
· तन्यता: धातुओं को खींचकर तार बनाया जा सकता है; सोना सबसे अधिक तन्य धातु है (1 ग्राम सोने से 2 km लंबा तार बन सकता है)
· ऊष्मा और विद्युत चालकता: सिल्वर और कॉपर ऊष्मा के सबसे अच्छे चालक हैं
· ध्वानिकता: कठोर सतह से टकराने पर ध्वनि उत्पन्न करते हैं
अपवाद: मर्करी कमरे के ताप पर द्रव है, गैलियम और सीज़ियम का गलनांक बहुत कम है, सोडियम-पोटैशियम चाकू से कट जाते हैं ।
History Chapter 2 (Part 3) “सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर".
अधातुओं के गुणधर्म
अधातुएं धातुओं के विपरीत गुण दर्शाती हैं:
· अधिकांश अधातुएं ठोस या गैस हैं (ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु है)
· ये भंगुर, कुचालक और चमकहीन होती हैं
· अपवाद: आयोडीन चमकीला है, ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है, हीरा अत्यंत कठोर है
“अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)” Class 10 Science Notes.
धातुओं के रासायनिक गुणधर्म
वायु के साथ अभिक्रिया
लगभग सभी धातुएँ ऑक्सीजन से मिलकर धातु ऑक्साइड बनाती हैं:
· धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड
· उदाहरण: 2Cu + O₂ → 2CuO (काला कॉपर ऑक्साइड)
· Na और K इतने अभिक्रियाशील हैं कि किरोसिन में डुबोकर रखे जाते हैं
उभयधर्मी ऑक्साइड: Al₂O₃ और ZnO अम्ल और क्षारक दोनों से अभिक्रिया करते हैं ।
जल के साथ अभिक्रिया
· Na और K: ठंडे जल के साथ तेजी से अभिक्रिया (हाइड्रोजन प्रज्वलित हो जाती है)
o 2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂ + ऊष्मा
· Ca: धीमी अभिक्रिया, हाइड्रोजन के बुलबुलों के कारण तैरने लगता है
· Mg: गर्म जल से अभिक्रिया करता है
· Al, Fe, Zn: केवल भाप के साथ अभिक्रिया
· Cu, Ag, Au: जल से बिल्कुल अभिक्रिया नहीं
अम्लों के साथ अभिक्रिया
धातु + तनु अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस
विशेष: नाइट्रिक अम्ल के साथ H₂
गैस नहीं निकलती (Mg और Mn
अति तनु HNO₃
के साथ H₂
देते हैं)।
Chapter 2 Part 2 आ गया! "आंदोलन में विभिन्न धाराएं"
सक्रियता श्रेणी
धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया गया है:
K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > [H] > Cu > Hg > Ag > Au
· सबसे अधिक अभिक्रियाशील: पोटैशियम (K)
· सबसे कम अभिक्रियाशील: गोल्ड (Au)
· H से ऊपर की धातुएं तनु अम्ल से H₂ विस्थापित करती हैं
"प्रथम विश्व युद्ध, खिलाफत और असहयोग आंदोलन" – गांधी जी के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रवाद का नया दौर!
आयनिक यौगिकों का निर्माण
धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से आयनिक यौगिक बनते हैं:
उदाहरण – सोडियम क्लोराइड (NaCl):
· Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻
· Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8)
· Na⁺ और Cl⁻ आकर्षण से NaCl बनता है
आयनिक यौगिकों के गुणधर्म
· भौतिक प्रकृति: ठोस, कठोर और भंगुर
· गलनांक/क्वथनांक: बहुत अधिक (मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण के कारण)
· घुलनशीलता: जल में घुलनशील, किरोसिन/पेट्रोल में अघुलनशील
· विद्युत चालकता: जलीय विलयन और गलित अवस्था में चालक, ठोस अवस्था में कुचालक
Chapter 1 "रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण" complete किया?
धातुओं का निष्कर्षण (धातुकर्म)
अयस्क और खनिज
· खनिज: पृथ्वी की भू-पर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्व/यौगिक
· अयस्क: वे खनिज जिनसे धातु निकालना लाभकारी हो
धातु निष्कर्षण की विधियाँ
1. निम्न अभिक्रियाशील धातुएं (Cu, Hg):
· केवल गर्म करके प्राप्त की जा सकती हैं
· उदाहरण: 2HgS + 3O₂ → 2HgO + 2SO₂
2. मध्यम अभिक्रियाशील धातुएं (Zn, Fe, Pb):
· भर्जन: सल्फाइड अयस्क को वायु में गर्म कर ऑक्साइड बनाना
· निस्तापन: कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में गर्म करना
· फिर कार्बन द्वारा अपचयन: ZnO + C → Zn + CO
थर्मिट अभिक्रिया: Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा (रेल पटरियों को जोड़ने में उपयोग)
3. उच्च अभिक्रियाशील धातुएं (Na, Mg, Ca, Al):
· विद्युत अपघटनी अपचयन द्वारा प्राप्त
· गलित क्लोराइडों का विद्युत अपघटन
धातुओं का परिष्करण
विद्युत अपघटनी परिष्करण में:
· अशुद्ध धातु = एनोड
· शुद्ध धातु की पट्टी = कैथोड
· धातु लवण विलयन = विद्युत अपघट्य
· शुद्ध धातु कैथोड पर जमा होती है
संक्षारण
धातुओं की सतह पर वायु, नमी आदि की क्रिया से परत चढ़ना संक्षारण कहलाता है:
· लोहे पर जंग: भूरे रंग का हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड (वायु + जल दोनों आवश्यक)
· सिल्वर पर काली परत: सिल्वर सल्फाइड (Ag₂S)
· कॉपर पर हरी परत: बेसिक कॉपर कार्बोनेट
संक्षारण से बचाव: पेंट, तेल, ग्रीज़, यशदलेपन (galvanizing), क्रोमियम लेपन, एनोडीकरण, मिश्रधातु बनाना ।
Chapter 1 – "राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद (nationalism & Imperalism)(Balkans)"
मिश्रधातुएँ (Alloys)
दो या अधिक धातुओं का समांगी मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है:
· पीतल: Cu + Zn
· काँसा: Cu + Sn
· सोल्डर: Pb + Sn (कम गलनांक, वेल्डिंग में उपयोग)
· स्टेनलेस स्टील: Fe + Ni + Cr (जंगरहित)
· अमलगम: पारद युक्त मिश्रधातु
Class 10 History (NCERT) | Chapter 1: “राष्ट्र की दृश्य कल्पना” – अब बिल्कुल आसान!
📝 MCQs (PYQ)
1. निम्न में से कौन सी धातु कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है?
· (a) सोडियम
· (b) मर्करी
· (c) मैग्नीशियम
· (d) आयरन
उत्तर: (b) मर्करी
2. सोना का सबसे महत्वपूर्ण गुणधर्म क्या है?
· (a) तन्यता
· (b) आघातवर्ध्यता
· (c) विद्युत चालकता
· (d) (a) और (b) दोनों
उत्तर: (d) (a) और (b) दोनों
3. निम्न में से कौन सा अधातु विद्युत का सुचालक है?
· (a) हीरा
· (b) ग्रेफाइट
· (c) सल्फर
· (d) फॉस्फोरस
उत्तर: (b) ग्रेफाइट
4. उभयधर्मी ऑक्साइड का उदाहरण है:
· (a) Na₂O
· (b) CuO
· (c) Al₂O₃
· (d) MgO
उत्तर: (c) Al₂O₃
5. सक्रियता श्रेणी में सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन सी है?
· (a) सोडियम
· (b) पोटैशियम
· (c) कैल्सियम
· (d) मैग्नीशियम
उत्तर: (b) पोटैशियम
6. थर्मिट अभिक्रिया में किस धातु का उपयोग अपचायक के रूप में होता है?
· (a) जिंक
· (b) कॉपर
· (c) एल्युमिनियम
· (d) आयरन
उत्तर: (c) एल्युमिनियम
7. आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का चालन क्यों नहीं करते?
· (a) आयनों की गति संभव नहीं
· (b) इलेक्ट्रॉन नहीं होते
· (c) अणु होते हैं
· (d) कोई नहीं
उत्तर: (a) आयनों की गति संभव नहीं
8. लोहे पर जंग लगने के लिए आवश्यक है:
· (a) केवल ऑक्सीजन
· (b) केवल जल
· (c) ऑक्सीजन और जल दोनों
· (d) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर: (c) ऑक्सीजन और जल दोनों
9. यशदलेपन (Galvanization) में किस धातु की परत चढ़ाई जाती है?
· (a) टिन
· (b) जिंक
· (c) क्रोमियम
· (d) निकेल
उत्तर: (b) जिंक
10. पीतल (Brass) किन धातुओं की मिश्रधातु है?
· (a) Cu + Sn
· (b) Cu + Zn
· (c) Fe + Zn
· (d) Pb + Sn
उत्तर: (b) Cu + Zn
✍️ Very Short Answer
1. सबसे अधिक तन्य धातु कौन सी है?
उत्तर: सोना (Gold) सबसे अधिक तन्य धातु है। 1 ग्राम सोने से 2 किलोमीटर लंबा तार बनाया जा सकता है ।
2. ब्रोमीन
की विशेषता क्या है?
उत्तर: ब्रोमीन एकमात्र अधातु है जो द्रव अवस्था में पाया जाता है ।
3. एक्वा
रेजिया (Aqua
Regia) क्या है?
उत्तर:
3:1 के अनुपात में सांद्र
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र
नाइट्रिक अम्ल का ताज़ा
मिश्रण एक्वा रेजिया कहलाता
है,
जो सोने को
गला सकता है ।
4. खनिज
और अयस्क में क्या अंतर है?
उत्तर: पृथ्वी की भू-पर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्व या यौगिक खनिज कहलाते हैं। जिन खनिजों से धातु निकालना लाभकारी हो, वे अयस्क कहलाते हैं ।
5. सोडियम
और पोटैशियम को किरोसिन में क्यों रखा जाता है?
उत्तर: सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएं हैं जो वायु में खुला रखने पर आग पकड़ लेती हैं, इसलिए इन्हें सुरक्षा के लिए किरोसिन में डुबोकर रखा जाता है ।
✍️ Short Answer
1. आघातवर्ध्यता और तन्यता में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
आघातवर्ध्यता: धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाने का गुण आघातवर्ध्यता कहलाता है। सोना और चाँदी सबसे अधिक आघातवर्ध्य धातुएँ हैं ।
तन्यता: धातुओं को खींचकर पतले तार के रूप में बदलने की क्षमता तन्यता कहलाती है। सोना सबसे अधिक तन्य धातु है ।
इन्हीं गुणों के कारण धातुओं को विभिन्न आकारों में ढाला जा सकता है।
2. सक्रियता श्रेणी क्या है? इसका महत्व बताइए।
उत्तर:
सक्रियता श्रेणी वह सूची है जिसमें धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है: K
> Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > [H] > Cu >
Hg > Ag > Au ।
महत्व:
· हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएं तनु अम्ल से H₂ विस्थापित करती हैं
· अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण से विस्थापित करती है
· धातु निष्कर्षण की विधि चुनने में सहायक
3. भर्जन और निस्तापन में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
|
भर्जन (Roasting) |
निस्तापन (Calcination) |
|
सल्फाइड अयस्क को वायु की उपस्थिति में अधिक ताप पर गर्म करना |
कार्बोनेट अयस्क को सीमित वायु में अधिक ताप पर गर्म करना |
|
ऑक्साइड बनता है और SO₂ निकलती है |
ऑक्साइड बनता है और CO₂ निकलती है |
|
उदाहरण: 2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂ |
उदाहरण: ZnCO₃ → ZnO + CO₂ |
4. आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?
उत्तर:
आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन के बीच मजबूत स्थिर वैद्युत आकर्षण बल होता है । इस प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण को तोड़ने के लिए ऊर्जा की पर्याप्त मात्रा आवश्यक होती है। इसलिए आयनिक यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक बहुत अधिक होता है ।
उदाहरण: NaCl का गलनांक 1074 K और CaO का गलनांक 2850 K होता है ।
5. मिश्रधातु क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
दो या दो से अधिक धातुओं का समांगी मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है । इसे तैयार करने के लिए पहले मूल धातु को गलित करते हैं, फिर दूसरे तत्वों को निश्चित अनुपात में मिलाकर शीतल किया जाता है ।
उदाहरण:
· पीतल (Brass): Cu + Zn
· काँसा (Bronze): Cu + Sn
· स्टेनलेस स्टील: Fe + Ni + Cr (जंगरहित)
· सोल्डर: Pb + Sn (वेल्डिंग में उपयोग)
“यूरोप में राष्ट्रवाद का निर्माण: कुलीन वर्ग, मध्यम वर्ग और उदारवाद – Class 10 History Notes”
✍️ Long Answer
1. सोडियम क्लोराइड (NaCl) के निर्माण को इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण के आधार पर समझाइए और आयनिक यौगिकों के चार गुणधर्म बताइए।
उत्तर:
सोडियम क्लोराइड का निर्माण:
सोडियम परमाणु (Na) के बाह्यतम कोश (M) में केवल 1 इलेक्ट्रॉन है। यदि यह इसे त्याग दे तो L कोश (जिसमें 8 इलेक्ट्रॉन हैं) बाह्यतम कोश बन जाता है ।
Na (2,8,1) → Na⁺ (2,8) + e⁻ (सोडियम धनायन)
क्लोरीन के बाह्यतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं। अष्टक पूर्ण करने के लिए इसे 1 इलेक्ट्रॉन चाहिए ।
Cl (2,8,7) + e⁻ → Cl⁻ (2,8,8) (क्लोराइड ऋणायन)
विपरीत आवेश के कारण Na⁺ और Cl⁻ परस्पर आकर्षित होकर NaCl बनाते हैं ।
आयनिक यौगिकों के गुणधर्म:
1. भौतिक प्रकृति: ठोस, कठोर और भंगुर होते हैं
2. उच्च गलनांक/क्वथनांक: मजबूत आकर्षण बल के कारण
3. घुलनशीलता: जल में घुलनशील, किरोसिन में अघुलनशील
4. विद्युत चालकता: जलीय विलयन और गलित अवस्था में चालक (आयनों की गति के कारण), ठोस अवस्था में कुचालक
2. धातुओं के जल के साथ अभिक्रिया को विस्तार से समझाइए। प्रत्येक प्रकार के लिए रासायनिक समीकरण दीजिए।
उत्तर:
धातुओं की जल के साथ अभिक्रियाशीलता भिन्न-भिन्न होती है:
1.
अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएं (Na, K):
ठंडे जल के साथ तेज़ी से अभिक्रिया करती हैं। अभिक्रिया इतनी ऊष्माक्षेपी होती है कि उत्सर्जित हाइड्रोजन तुरंत प्रज्वलित हो जाती है ।
2Na + 2H₂O →
2NaOH + H₂ + ऊष्मा
2K + 2H₂O → 2KOH + H₂ + ऊष्मा
2.
मध्यम अभिक्रियाशील धातु (Ca):
Ca की अभिक्रिया धीमी होती है। उत्सर्जित ऊष्मा H₂
को प्रज्वलित नहीं कर पाती। H₂
के बुलबुले Ca की सतह पर चिपकने से यह तैरने लगता है ।
Ca + 2H₂O → Ca(OH)₂ + H₂
3.
कम अभिक्रियाशील धातुएं (Mg, Al, Zn, Fe):
ठंडे और गर्म जल से अभिक्रिया नहीं करतीं, केवल भाप के साथ अभिक्रिया करती हैं ।
2Al + 3H₂O (भाप) →
Al₂O₃ + 3H₂
3Fe + 4H₂O (भाप) → Fe₃O₄
+ 4H₂
4.
निष्क्रिय धातुएं (Cu, Ag, Au):
जल या भाप से बिल्कुल अभिक्रिया नहीं करतीं ।
3. थर्मिट अभिक्रिया क्या है? इसका उपयोग और महत्व समझाइए। क्या यह विस्थापन अभिक्रिया है?
उत्तर:
थर्मिट अभिक्रिया:
आयरन (III) ऑक्साइड
(Fe₂O₃) के साथ एल्युमिनियम की अभिक्रिया को थर्मिट अभिक्रिया कहते हैं ।
रासायनिक समीकरण:
Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe + Al₂O₃ + ऊष्मा
विशेषताएं:
1. यह अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है
2. इतनी अधिक ऊष्मा उत्सर्जित होती है कि आयरन गलित अवस्था में प्राप्त होता है
3. यह विस्थापन अभिक्रिया है क्योंकि अधिक अभिक्रियाशील Al, कम अभिक्रियाशील Fe को उसके ऑक्साइड से विस्थापित करता है
उपयोग:
· रेल की पटरियों को जोड़ने (संधित करने) में
· मशीनी पुर्जों की दरारों को जोड़ने में
ऑक्सीकरण-अपचयन:
· Al का ऑक्सीकरण हो रहा है (Al → Al₂O₃)
· Fe₂O₃ का अपचयन हो रहा है (Fe₂O₃ → Fe)
4. संक्षारण क्या है? लोहे पर जंग लगने की प्रक्रिया और इससे बचाव के उपाय विस्तार से समझाइए।
उत्तर:
संक्षारण (Corrosion):
धातुओं की सतह पर वायु, नमी, अम्ल आदि की क्रिया से परत चढ़ने की प्रक्रिया संक्षारण कहलाती है ।
उदाहरण:
· सिल्वर पर काली परत (Ag₂S)
· कॉपर पर हरी परत (बेसिक कॉपर कार्बोनेट)
· लोहे पर जंग
लोहे पर जंग लगने की प्रक्रिया:
लंबे समय तक आर्द्र वायु (नमी युक्त वायु) में रहने पर लोहे पर भूरे रंग के पत्रकी पदार्थ (हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड) की परत चढ़ जाती है ।
आवश्यक शर्तें:
· ऑक्सीजन और जल दोनों की उपस्थिति अनिवार्य है
· केवल शुष्क वायु या केवल जल में जंग नहीं लगता
संक्षारण से बचाव के उपाय:
1. पेंट करना: सतह पर सुरक्षात्मक परत
2. तेल/ग्रीज़ लगाना: नमी से बचाव
3. यशदलेपन (Galvanizing): जिंक की परत चढ़ाना (जिंक की परत नष्ट होने के बाद भी सुरक्षा)
4. क्रोमियम लेपन: चमकदार और सुरक्षात्मक
5. एनोडीकरण: एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत
6. मिश्रधातु बनाना: जैसे स्टेनलेस स्टील (जंगरहित)
5. अयस्क से धातु निष्कर्षण की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाइए। विभिन्न अभिक्रियाशीलता वाली धातुओं के लिए अलग-अलग विधियां बताइए।
उत्तर:
धातु निष्कर्षण के चरण:
1.
अयस्क का समृद्धीकरण (Concentration):
अयस्क से गैंग (मिट्टी, रेत आदि अशुद्धियाँ) को हटाना ।
2. धातु निष्कर्षण (अभिक्रियाशीलता के आधार पर):
A. निम्न अभिक्रियाशील धातुएं (Cu, Hg, Ag):
· केवल गर्म करके प्राप्त
· उदाहरण (मर्करी):
o 2HgS + 3O₂ → 2HgO + 2SO₂ (गर्म करने पर)
o 2HgO → 2Hg + O₂ (अधिक गर्म करने पर)
B. मध्यम अभिक्रियाशील धातुएं (Zn, Fe, Pb):
· भर्जन/निस्तापन से सल्फाइड/कार्बोनेट को ऑक्साइड में बदलना
o 2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂ (भर्जन)
o ZnCO₃ → ZnO + CO₂ (निस्तापन)
· कार्बन द्वारा अपचयन:
o ZnO + C → Zn + CO
C. उच्च अभिक्रियाशील धातुएं (Na, Mg, Ca, Al):
· कार्बन से अपचयन संभव नहीं
· विद्युत अपघटनी अपचयन द्वारा गलित क्लोराइडों से प्राप्ति
o कैथोड पर: Na⁺ + e⁻ → Na
o एनोड पर: 2Cl⁻ → Cl₂ + 2e⁻
3. धातु का परिष्करण (Refining):
· विद्युत अपघटनी परिष्करण: अशुद्ध धातु (एनोड) → शुद्ध धातु (कैथोड पर निक्षेपण)
· अपद्रव्य एनोड तली पर जमा (एनोड पंक)
निष्कर्ष
धातु एवं अधातु अध्याय रसायन विज्ञान की आधारभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करता है और आपको तत्वों के व्यवहार की गहरी समझ देता है । सक्रियता श्रेणी, आयनिक बंध निर्माण, धातु निष्कर्षण की विधियाँ और संक्षारण जैसी अवधारणाएं न केवल बोर्ड परीक्षा में बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, RRB, NEET) में भी बार-बार पूछी जाती हैं । इस अध्याय को अच्छे से तैयार करने के लिए रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने का अभ्यास करें, सक्रियता श्रेणी को याद रखें, और आयनिक यौगिकों की इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना बनाने में निपुण बनें । इस ब्लॉग में दिए गए सभी प्रश्नों (MCQ, VSA, SA, LA) को हल करें और उत्तरों को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें। याद रखें – रसायन विज्ञान में सफलता समझ और अभ्यास का परिणाम है।
यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय: फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्र का विचार - कक्षा 10 NCERT Notes.
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